उसकी महफिल मे मस्ती का जाम भरता हु
उसकी मय पीने पिलाने का काम करता हु
साज़ मेरे दिल का जो छेड दिया है उसने
बस उसके नग्मे गाने का काम करता हु
गर किसी दिल में तस्वीर बसी हो उसकी
कदमों पे उसी के अपने मुकाम करता हु
जो इस दीवाने का हाथ पकड में आये
थाम कर चूम लेने का काम करता हु
नूर आता हो नज़र उसका आँखों में कही
उसके दीदार में उम्र तमाम करता हु
उसके रस में डूबा मिल जाए मस्त कोई
जिंदगी अरे खुद की उसके नाम करता हू
जो नाचे गए-भगवान वही है बंदा
सदके जाता हू मै उसे सलाम करता हू
उसकी महफिल मे मस्ती का जाम भरता हु
उसकी मय पीने पिलाने का काम करता हु
About Me
- Osho Krishna
- I am celebrating my life with OSHO Mediatation............And continuously trying to know myself...."Who am I?" I don't know whether I can know I or not........But I want to spread the message of truth and love.......In the heart of people....Don't ask the meaning of feeling........Love to be everyone prayer!!!!
Wednesday, April 15, 2009
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment